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हास्य कविता
1. लगे जो कोकिला तुमको कहीं कौआ नहीं निकले।लगे जो हंसिनी तुमको कहीं बगुला नहीं निकले।जमाना फेसबुक इंस्टा का है इसमें संभलना… आगे पढ़े
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महिमा संचालक की
फिल्मी लोग जिस तरह फिल्म बनाते वक्त क्रियेटिव लिबर्टी अर्थात कलात्मक आजादी लेते है,किसी भी कहानी को तोड़मरोड़ कर प्रस्तुत कर डालते… आगे पढ़े
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अप्पे का आतंक
सोशल मीडिया के जमाने में आतंक मचाने के लिए सोशल मीडिया ही काफ़ी है।आजकल के वीडियो इसके गवाह हैं। काकी सोच में… आगे पढ़े
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सोशल मीडिया का मेडिकल सर्टिफिकेट
सोशल मीडिया के जमाने ने बीमारी प्रमाणीकरण के पैमाने बदल कर रख दिए है। स्कूल के दिनों को याद करते हुए सोचता… आगे पढ़े
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डिजिटल इश्क़
फ़ेसबुक पर एक अधेड़ कवि को सुबह से दिल टूटने वाली शायरी चेपते देखकर अपनी खोपड़ी घूमी। मन के आसमान में प्रश्नों… आगे पढ़े
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मृत्यु क्या है… जीवन ही तो है
भाईसाहब का ट्रैक रेकॉर्ड सदैव एक सा रहा। हार-जीत से परे। न दीन की चिंता, न दुनिया की फिक्र। उधर चुनाव समाप्त,… आगे पढ़े


ऑल चटर पटर बीटर एन्ड हीटर 😊