• घूरे का हँस

    घूरे का हँस

    अर्चना चतुर्वेदी जितनी बिंदास फेसबुक पर दिखाई देती है। उतनी ही संवेदनशील वह तब बन जाती हैं, जब उनके किताबों के विषयों का चयन या ट्रीटमेंट क़ी बात आती है। अर्चना जी को लोग एक व्यंग्यकार के रूप में जानते है और एक ऐसे इंसान के रूप में जिसने अपने लेखन और जीवन दोनों में…

  • मुक्ति पत्र

    मुक्ति पत्र

    नारी मन की गिरहों को खोलता, ‘मुक्ति पत्र’ ; डॉ. अंजू एक स्त्री जब कलम उठाती है तो स्वाभाविक रूप से नारी जीवन के विविध मनोभावों का अंकन उसकी लेखनी से निःसृत होकर सजीव हो उठता है। नारी मन की गिरहें खोलती 12 कहानियों से सजा डॉ. अंजू का प्रथम कहानी संग्रह ‘मुक्ति-पत्र’ कथा-साहित्य की…

  • मेरी माँ के बाईस कमरे

    मेरी माँ के बाईस कमरे

    मेरी माँ के बाईस कमरे                           -राहुल पंडिता मैंने पढ़ना और अच्छा पढ़ना अपने परिवार से ही सीखा ….मेरे लिये एक बहुत ही सुखद सौभाग्य ये रहा कि मुझे साहित्य के क्षेत्र में क्या पढ़ना चाहिए, इसके लिए बहुत मेहनत नहीं करनी पड़ी ।मुझे मेरे पापा और भैया ने ख़ासकर ,ये मार्गदर्शन दिया कि ये…

  • पिंटू की पहली उड़ान

    पिंटू की पहली उड़ान

    “पिंटू की पहली उड़ान”३४ कहानियाँप्रतीक पब्लिकेशन “पिंटू की पहली उड़ान” इस संग्रह का शीर्षक होने के साथ उसकी पहली कहानी है जो एक व्यंग्यात्मक और प्रतीकात्मक बाल कथा है। इसका मुख्य पात्र एक नवोदित मच्छर ‘पिंटू’ है। शीर्षक से ही ज्ञात होता है कि यह उसकी पहली उड़ान की कहानी है, जब वह अपने पिता…