रावणहत्था: लोककथा

रावणहत्था; लोककथा

गोधूलि में थार की आभा सांझ की रेत पर उतर रही थी। पीली- नारंगी आभा में नहाए टीले, पश्चिमी राजस्थान की हवा में बहती ऊँटों की टाप और दूर किसी ढाणी से उठती रावणहत्था की लोकधुन —
सब मिलकर रेगिस्तान को स्वप्न जैसा बना रहे थे।

वह साधकर गाता था—

“लोकदेवी-देवताओं की चिरजाएँ, गणेश वंदना, छोटी सी उमर परणाई ओ बाबोसा काईं थारो कर्यो मैं कसूर” और “मोरुबाई” की धुन हवा में गूँजती। 
धुन में गूँजता था रावणहत्था, तारों की करुण पुकार से रेत की आँखों में आँसू उतर आते। 

थार का यह वाद्य, जिसके साथ ही रेगिस्तान में कई लोक कथाएँ जन्मीं।

ऐसी ही एक लोककथा–

कहते हैं, यह वाद्य रावण ने स्वयं बनाया था। लंका विजय के पहले, जब वह कैलाश गया, तो वहां शिव-भक्ति में डूबकर उसने एक शिव साधना में एक साधन माँगा — ऐसा जो उसे अपने ईष्टदेव की स्तुति में लीन कर सके।
शिव ने कहा —
“स्वरों से बंधे रहना, यही तुम्हारी साधना है और यही तुम्हारी मुक्ति का मार्ग है।”

रावण ने उसी समय जँगल की टहनियों से धनुषनुमा डंडा गढ़ा, उस पर लोहे की तारें चढ़ाईं और नारियल के खोले से पेटी बनाई। उस वाद्य से पहली बार उसने शिव-स्तुति गाई। 
कहते हैं, जब-जब वह रावणहत्था बजाता, तो उसकी आत्मा भीतर से पिघल उठती। स्वरों में ऐसी करुणा कि कठोर रावण की आँखों से भी आँसू बह निकलते।

कहते हैं युद्ध के बाद जब उसका यह वाद्य टूटा, तो थार के भाट, भील, मांगणयार और मिरासी लोकगायकों ने उसे दिल से अपनाया, अपनी यादों और कल्पनाओं से, लोककला के रूप में जीवित रखा।
उन्होंने उसी रूप में सँभालकर उस वाद्य को आज तक बचाया। रावण का वाद्य, जो कभी शिव के चरणों में समर्पित था, अब थार की हर ढाणी में प्रेम, विरह और भक्ति की कथा कहता है।

लोकविश्वास है कि —

“जिस घर की चौखट पर रावणहत्था बज उठे, वहाँ की दुख-स्मृतियाँ भी धीरे-धीरे विलुप्त होकर गुनगुनाहट में घुल जाती हैं।”

आज भी मिरासी जब इसे बजाते हैं, तो मानो वह केवल तार नहीं छेड़ते, बल्कि रावण की पश्चाताप-भरी आत्मा को जगाते हैं। और रेगिस्तान की रातें जब शांत हो जाती हैं, तो हवा में बहते सुर कहते प्रतीत होते हैं —

“भक्ति और संगीत ही मनुष्य को उसके पाप और मोह से मुक्त कर सकते हैं।”

-प्रमिला शंकर

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3 Comments
Siddhaarth
9 months ago

बढ़िया, रावणहत्था की एक तस्वीर भी लगानी चाहिए

Anamika pravin sharma
9 months ago

रावणहत्था की ध्वनि बहुत सुंदर होती है

Archana k shankar
9 months ago

वाह बहुत अच्छी जानकारी ❤️