बिखरना

मझौले कद पर खिला कोई भी फूल
बिखरता है ठीक उसी तरह जैसे
बिखरता है ऊंचे कद पर खिला कदंब का फूल
जमीन से जुड़े घास के फूल में भी
यही बात

तो बात यह नहीं कि ,
पुष्पासन से विलग हुआ वह किस ऊंचाई से
बात यह कि ,
उसने खिलने का उत्सव मनाया
आनंदित हुआ और अपने अंतिम पड़ाव पर
बिखरा बड़ी खूबसूरती से !

विशाखा मुलमुले

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